दो पंक्तियाँ (A couplet)

मई 7, 2014 at 11:08 अपराह्न (Uncategorized)

—– Ghanshyam

Ghanshyamअपनी शख़्सियत का उन्हें होश नहीं
ग़ैर की वाह-वाही किये जाते हैं ।

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